प्लेविन लॉटरी

प्लेविन लॉटरी को पैन इंडिया नेटवर्क द्वारा संचालित किया जाता था और सिक्किम सरकार ने इसे लाइसेंस दिया था। यह भारत के खिलाड़ियों को ऑनलाइन और रिटेल लॉटरी गेम्स प्रदान करती थी। हालांकि, बड़ते टैक्स का भुगतान करने में परेशानी और बाद में अपना कर्ज न चुका पाने के चलते 2019 में कंपनी को बंद कर दिया गया था।

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प्लेविन को क्या हुआ?

कंपनी की परेशानी 2014 में शुरू हुई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) ने राज्य में प्रतिबंधित ऑनलाइन लॉटरी बेचने के लिए प्लेविन वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्लेविन भारत में अन्य जगहों पर अपने ऑनलाइन संचालन को जारी रखने में सक्षम थी।

2017 में, भारतीय लॉटरी उद्योग को एक बड़ा झटका लगा। उस वर्ष जून में, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) परिषद ने पूरे देश में लॉटरी टिकटों के लिए दोहरी कर दर (टैक्स रेट) का आदेश दिया। दोहरी कर दर के अंतर्गत, निजी वितरकों द्वारा संचालित लॉटरी 28 प्रतिशत के उच्चतम कर दायरे में आती है। दोहरे कर के खिलाफ कई बड़े विरोध-प्रदर्शन हुए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

कई विक्रेताओं को उच्च करों से उत्पन्न लागत के कारण अपने व्यवसायों को पूरी तरह से बंद करना पड़ा। प्लेविन का अस्तित्व बनाए रखने के लिए, पैन इंडिया नेटवर्क लिमिटेड ने अपने लॉटरी टिकटों की कीमत में करीब 30% की वृद्धि की। इसने भी उसके राजस्व को प्रभावित किया।

कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस फाइल्ड

30 अप्रैल 2019 को, सागर ई शॉप प्राइवेट लिमिटेड ने पैन इंडिया नेटवर्क लिमिटेड के खिलाफ एक याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि कंपनी ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी संहिता 2016 की धारा 7 के तहत 1,60,39,093 / रुपए की सीमा तक भुगतान करने में डिफ़ॉल्ट किया।

1 सितंबर 2018 को, पैन इंडिया नेटवर्क लिमिटेड ने सागर ई शॉप प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक ऋण समझौता किया, जहां उसने प्रति वर्ष 18% ब्याज दर पर 2,25,00,000/ रुपए की सीमा तक लोन का अनुरोध किया, साथ ही 30 अप्रैल, 2019 तक लोन चुकाने की बात कही। पैन इंडिया नेटवर्क लिमिटेड ने क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाया, लेकिन बकाया राशि चुकाने में विफल रही। पैन इंडिया नेटवर्क लिमिटेड को कई पत्र और रिमाइंडर भेजे गए, जिनका उसने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, जिसके बाद कंपनी के खिलाफ याचिका दायर हुई।

सागर ई शॉप प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदर्शित लेजर अकाउंट में स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि याचिका में दावा की गई राशि लेजर अकाउंट के अनुरूप है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, कॉरपोरेट डेब्टर के लिए उपस्थित दक्ष काउंसिल ने स्पष्ट रूप से देयता और डिफ़ॉल्ट को स्वीकार किया और याचिका दायर करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

पैन इंडिया नेटवर्क लिमिटेड को प्लेविन के संचालन को रोकने के लिए मजबूर किया गया और परिणामस्वरूप लॉटरी ड्रॉ तुरंत समाप्त हो गए। कंपनी ने अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर अक्टूबर 2019 में एक संदेश पोस्ट किया, जिसमें कहा गया: “तकनीकी समस्याओं के कारण हमारे ड्रॉ को बेचने के लिए कॉन्फ़िगर नहीं हैं। हम जल्द ही आपको अपडेट करेंगे।”

कुछ प्लेविन गेम्स जैसे कि सैटरडे सुपर लोटो और ट्यूसडे थंडरबॉल को पहले ही जून और जुलाई 2019 में रोक दिया गया है। उस समय प्लेविन वेबसाइट पर प्रकाशित संदेश में कहा गया था कि इन गेम्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और उम्मीद है कि एक वर्ष के बाद इन्हें फिर से लॉन्च किया जाएगा। हालाँकि, प्लेविन बंद होने से पहले लॉटरी दोबारा शुरू नहीं हुईं और न ही तब से कोई गेम आयोजित किया गया।

प्लेविन के बंद होने के बाद भी भारत में ऑनलाइन लॉटरी खेलना संभव है। लोटो इंडिया और जल्दी 3 जैसे गेम्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं -अपनी एंट्रू प्राप्त करने के लिए लॉटरी टिकट पृष्ठ पर जाएँ।